T20 World Cup 2026: सुपर-8 मुकाबलों से पहले भारत को इन कमजोरियों पर करना होगा काम, नहीं मुश्किल होगी सेमीफाइनल की राह

Team India weaknesses: भारत 22 फरवरी से टी20 वर्ल्‍ड कप 2026 में अपने सुपर-8 चरण का आगाज करेगा। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने अब अब तक जैसा प्रदर्शन किया है, अगर वैसा ही किया तो सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो सकती है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को कुछ कमजोरियों को दूर करना होगा।

T20 World Cup 2026: सुपर-8 मुकाबलों से पहले भारत को इन कमजोरियों पर करना होगा काम, नहीं मुश्किल होगी सेमीफाइनल की राह

T20 World Cup 2026, Team India weaknesses: भारत ने ग्रुप-ए में अपने सभी मैच जीतकर टी20 वर्ल्‍ड कप 2026 की सुपर-8 स्‍टेज में जगह बनाई है। सूर्यकुमार यादव एंड कंपनी ने बुधवार पहली इनिंग में 193 रन बनाने के बाद नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया। अब डिफेंडिंग चैंपियन टीम इंडिया टाइटल बचाने के लिए 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ अगले चरण का आगाज करेगी। इसके बाद 26 फरवरी को जिम्‍बाब्‍वे और फिर 1 मार्च को वेस्‍टइंडीज का सामना करेगी। भारत ने टूर्नामेंट में अब तक जिस तरह का प्रदर्शन किया है, अगर वैसा ही हाल रहा तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को कुछ क्षेत्रों में कमजोरियों पर काम करने की सख्‍त जरूरत है। अगर इन पर काम नहीं किया गया तो उसके लिए सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो जाएगी।

अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म

टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म है। वह अब तक इस वर्ल्‍ड कप में लगातार तीन बार शून्‍य पर आउट हुए है, मतलब उनके खाते में एक भी रन नहीं है। भले ही वह एक बड़ी पारी से सिर्फ एक इनिंग दूर हो, लेकिन फिर भी उनका इसी तरह आउट आगे मुश्किलें बढ़ा सकता है।

खासकर अब जब सुपर 8 आ रहा है। अभिषेक ऑफ ब्रेक गेंदबाज के सामने संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। नीदरलैंड के खिलाफ भी वह आर्यन दत्‍त के सामने संघर्ष करके शून्‍य पर आउट हुए। उन्‍हें अपनी गलतियों से सबक लेकर इनमें सुधार करना होगा।

Abhishek Sharma Poor Form T20 World Cup 2026

स्पिन के खिलाफ लगातार खराब प्रदर्शन

भारतीय टीम को एक समय स्पिन के सामने सबसे बेस्‍ट टीम माना जाता था, लेकिन इस टूर्नामेंट में ऐसा लगता है कि भारतीय स्पिन से निपटने के लिए अच्छे से तैयार नहीं हैं। या तो वे बहुत ज्‍यादा विकेट खो देते हैं या धीमे गेंदबाजों के ख़िलाफ़ बहुत ज्‍यादा सावधान रहते हैं। यूएसए मैच में लेग-स्पिनर मोहम्मद मोहसिन ने 1/16 के फ़िगर के साथ वापसी की, जबकि हरमीत सिंह ने 2/26 हासिल किए।

नामीबिया के खिलाफ मुक़ाबले में गेरहार्ड इरास्मस ने 4/20 के शानदार फ़िगर हासिल किया। पाकिस्तानी स्पिनर सैम अयूब और उस्मान तारिक ने क्रम से 3/25 और 1/24 हासिल किए। वहीं, अब आर्यन दत्त ने 2/19 का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम को यहां सबसे ज्‍यादा सुधार की जरूरत है।

किसी एक बल्लेबाज पर पूरी तरह से निर्भर रहना

यूएसए के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने 84 रन की तूफानी पारी खेली थी, लेकिन अन्‍य कोई बल्‍लेबाज 30 के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका था। इसके बाद नामीबिया के खिलाफ दूसरे मुकाबले में ईशान किशन और हार्दिक पंड्या के बल्‍ले से अर्धशतक आए तो पाकिस्‍तान के खिलाफ ईशान किशन ने 77 रनों की पारी खेली। जबकि ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में नीदरलैंड के खिलाफ अगर शिवम दुबे का बल्‍ला न चलता तो भारत मुश्किल में फंस सकता था। अगर भारत को सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो एक-दो बल्‍लेबाजों की जगह तीन-चार बल्‍लेबाजों को कुछ अच्‍छी पारियां खेलनी होंगी।

कैचिंग फिर से एक मुद्दा

भारतीय टीम में एक से बढ़कर एक बेहतरीन फील्डर होने के बावजूद कुछ खिलाड़ी कैच ड्रॉप कर देते हैं। यह टी20 वर्ल्ड कप 2026 भी अलग नहीं रहा। पिछले पाकिस्तान मैच में 4 खिलाड़ी के कैच ड्रॉप हुए। तिलक वर्मा ने दो, ईशान किशन ने एक और कुलदीप यादव ने भी एक कैच छोड़ा। नीदरलैंड के खिलाफ अब वाशी और फिर सूर्या और रिंकू टकरा गए। इसकी भारत को बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इस क्षेत्र में भी टीम इंडिया को कुछ काम करने की जरूरत है।

Original Source - Patrika Live News

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