UP Crime: हद पार, पत्नी की इज्जत बचाने निकले पति को दबंगों ने पीटा, जानिए वजह
UP Lucknow Horror: लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक महिला के नहाने के दौरान मोहल्ले के युवकों ने बाथरूम के पीछे से उसका वीडियो बना लिया। विरोध करने पर महिला के पति की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
UP Crime Against Women: राजधानी के ठाकुरगंज क्षेत्र में एक शर्मनाक वारदात ने फिर से महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया है कि मोहल्ले के ही कुछ युवकों ने उसके नहाने के दौरान बाथरूम के पीछे से चोरी-छिपे वीडियो बना लिया। जब महिला ने इसका विरोध किया और पति ने उन मनचलों से बात करनी चाही, तो उन्होंने पति को बेरहमी से पीट दिया और धमकी दी कि अगर पत्नी को हवाले नहीं किया तो वीडियो वायरल कर बदनाम कर देंगे।
पीड़िता ने थाने पहुंचकर सुनाई आपबीती
पीड़िता के मुताबिक, वह अपने पति और बेटी के साथ ठाकुरगंज क्षेत्र में रहती है। उसके घर के पीछे हार्दिक सिंह नामक युवक रहता है जो अक्सर अपने साथियों लवकुश, राजू तिवारी और कुछ अन्य लड़कों के साथ घर के बाहर बैठा रहता है। महिला का आरोप है कि ये लोग आए दिन अश्लील इशारे करते हैं और जब वह बेटी को स्कूल छोड़ने या लेने जाती है, तो उसका पीछा कर अभद्र टिप्पणी करते हैं।
रात में हुई घिनौनी हरकत
महिला ने बताया कि बीती 12 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे वह घर के बाथरूम में नहा रही थी। उसी दौरान उसे महसूस हुआ कि कोई पीछे की दीवार के पास खड़ा है। जब उसने देखा तो हार्दिक सिंह और उसके साथी मोबाइल कैमरे से उसका वीडियो बना रहे थे। महिला के शोर मचाने पर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। जब महिला ने यह बात अपने पति को बताई तो उसने आरोपियों से बात करने की कोशिश की। लेकिन बात करने के बजाय उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और उसके पति पर हमला कर दिया।
‘पत्नी को हवाले करो, नहीं तो वीडियो वायरल कर दूंगा’
पीड़िता ने बताया कि अगले दिन, 14 अक्टूबर को हार्दिक सिंह ने उसके पति को फोन कर बुलाया। जब पति वहां पहुँचा तो पहले से राजू तिवारी, पवन सिंह, नीतू अवस्थी और चार–पाँच अन्य युवक मौजूद थे। वहाँ सभी ने मिलकर उसके पति की बेरहमी से पिटाई की। इतना ही नहीं, उन्होंने खुलेआम धमकी दी, अगर अपनी जान प्यारी है तो अपनी बीवी को हमारे हवाले कर दो, वरना उसकी नहाते हुए बनाई वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दूँगा। हमले में महिला के पति के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और तहरीर दी।
पुलिस कार्रवाई- मामला दर्ज, जांच जारी
पीड़िता की शिकायत पर ठाकुरगंज थाने में हार्दिक सिंह, राजू तिवारी, लवकुश, पवन सिंह, नीतू अवस्थी और अन्य के खिलाफ छेड़छाड़, धमकी, और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ठाकुरगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आरोपियों के घरों पर दबिश दी, लेकिन वे फिलहाल फरार हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ आरोपी इलाके में दबंग प्रवृत्ति के हैं और पहले भी कई बार उत्पीड़न की शिकायतें मिल चुकी हैं।
पड़ोसी बोले – महीनों से कर रहे थे उत्पीड़न
मोहल्ले के कुछ निवासियों ने बताया कि हार्दिक सिंह और उसके साथियों का रवैया पहले से संदिग्ध था। वे अक्सर घरों के बाहर खड़े होकर महिलाओं को देखते रहते थे। लेकिन कोई शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। एक महिला ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हम सब डर के मारे चुप रहते थे। जो विरोध करता, वही मुसीबत में फँस जाता था। अब मामला खुलने के बाद उम्मीद है कि पुलिस कार्रवाई करेगी।
महिला संगठनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला आयोग और स्थानीय महिला संगठन ने भी घटना की निंदा की है। राजधानी महिला मंच की अध्यक्ष नीलम त्रिपाठी ने कहा कि यह मामला न केवल निजता का उल्लंघन है, बल्कि महिला के सम्मान पर सीधा हमला है। ऐसे अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि कोई और ऐसी घिनौनी हरकत करने की सोच भी न सके।”
निजता और डिजिटल अपराध की चुनौती
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि मोबाइल कैमरा और सोशल मीडिया के इस दौर में महिलाओं की निजता कितनी असुरक्षित है। बाथरूम, चेंजिंग रूम या घर की चारदीवारी में सुरक्षित महसूस करने का अधिकार भी अब खतरे में दिख रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में आईटी एक्ट की धाराएँ भी लग सकती हैं, जिसमें दोषियों को लंबी सजा का प्रावधान है।
परिवार की गुहार- न्याय मिले, सुरक्षा दी जाए
पीड़िता का परिवार अब भयभीत है। उसका कहना है कि आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं और आसपास घूम रहे हैं। महिला ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। हम घर से बाहर निकलने से डरते हैं। बेटी स्कूल नहीं जा पा रही। हमें इंसाफ चाहिए और सुरक्षा भी।” – पीड़िता का बयान।
ऐसी घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है, बल्कि समाज में भी जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना जरूरी है। एक महिला की अस्मिता पर हमला सिर्फ उस परिवार पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिकता पर कलंक होता है।
Original Source - Patrika Live News
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