Holiday Declared: 14 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा, सरकारी से लेकर प्राइवेट ऑफिस तक सब बंद
Holiday Declared: 14 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है। इस दिन सरकारी से लेकर प्राइवेट ऑफिस तक सब बंद रहेगा।
Holiday Declared: नई दिल्ली से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। केंद्र सरकार ने 14 अप्रैल 2026 को देशभर में सरकारी अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश भारत रत्न डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) की जयंती के अवसर पर दिया जा रहा है। इस दिन को सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
कार्मिक मंत्रालय ने जारी किया आधिकारिक आदेश
इस संबंध में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (DoPT) ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। जारी कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, 14 अप्रैल को सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालयों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में अवकाश रहेगा। मंत्रालय ने सभी विभागों और संबंधित इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश की जानकारी समय रहते सभी कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए।
किन-किन संस्थानों में रहेगा अवकाश
सरकार द्वारा घोषित इस अवकाश का लाभ देशभर के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा। सभी मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) और औद्योगिक प्रतिष्ठान इस आदेश के दायरे में आएंगे। ऐसे में 14 अप्रैल को सरकारी कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा, जबकि आवश्यक सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी।

कई राज्यों में भी घोषित हुआ राजकीय अवकाश
केंद्र सरकार के इस फैसले के साथ-साथ उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), पंजाब (Punjab) और दिल्ली (Delhi) समेत कई राज्यों ने भी आंबेडकर जयंती के मौके पर राजकीय अवकाश घोषित किया है।
सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं डॉ. अंबेडकर
डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर भारतीय संविधान के निर्माता और देश के महान समाज सुधारकों में से एक थे। उन्होंने दलितों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। अंबेडकर जयंती को हर साल पूरे देश में बड़े सम्मान और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
कर्मचारियों को मिलेगा अवकाश का लाभ
इस निर्णय से देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को 14 अप्रैल को अवकाश का लाभ मिलेगा। यह दिन ना केवल एक छुट्टी के रूप में बल्कि अंबेडकर के विचारों और उनके योगदान को याद करने का अवसर भी होगा।
सम्मान और स्मरण का दिन
बता दें कि अंबेडकर जयंती केवल एक सरकारी अवकाश नहीं, बल्कि देश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब लोग समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन भी किया जाता है, जहां डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर को याद किया जाता है।
Original Source - Patrika Live News
What's Your Reaction?