‘माता की चौकी’ वाले दिन हुआ था चमत्कार, सुधा चंद्रन का खुलासा, बोलीं- मैं डेढ़ दिन तक शारीरिक रूप से…
Sudha Chandran Video: सुधा चंद्रन ने अपने घर पर कुछ समय पहले माता की चौकी रखी थी। अब उन्होंने उसी को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता उनपर माता आई थी या नहीं, लेकिन करीब डेढ़ दिन तक शारीरिक रूप से वह पूरी तरह थक गई थीं।
Sudha Chandran Video: फेमस डांसर और एक्ट्रेस सुधा चंद्रन अक्सर अपनी शानदार एक्टिंग के लिए जानी जाती हैं, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। जनवरी के शुरुआती दिनों में सुधा के घर पर हुई ‘माता की चौकी’ का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उनकी भक्ति को देखकर कई लोगों ने उन्हें ‘ओवरएक्टिंग’ करने वाला बता दिया था। अब सुधा चंद्रन ने पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट ‘आबरा का डाबरा’ में इन तमाम विवादों और अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर खुलकर बात की है और कई बड़े राज खोले हैं।
माता की चौकी के दौरान हुआ चमत्कार (Sudha Chandran On Mata Ki Chowki Video)
सुधा ने बताया कि वह पिछले 22-23 सालों से हर साल के पहले शनिवार को अपने घर पर माता की चौकी करवाती हैं। वायरल वीडियो के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझमें माता आती हैं या नहीं, यह बहुत बड़ा शब्द है, लेकिन हां, वह आकर मुझे आशीर्वाद जरूर देती हैं।”
उन्होंने एक हैरान करने वाला खुलासा करते हुए बताया कि इस बार चौकी के दौरान उनमें इतनी ऊर्जा (High Energy) थी कि उन्होंने महज 10 मिनट के अंदर साढ़े चार लीटर पानी पी लिया था। सुधा के मुताबिक, उस वक्त वह पानी के लिए भीख मांग रही थीं और इस घटना के बाद वह करीब डेढ़ दिन तक शारीरिक रूप से पूरी तरह थक गई थीं।

सुधा चंद्रन के नाम के पीछे है अनोखी कहानी (Sudha Chandran Name Story)
इंटरव्यू के दौरान सुधा ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उनके नाम के पीछे भी एक फिल्मी संयोग है। उनके पिता एक बड़ी डांसर के घर टाइपिस्ट का काम करते थे, जिनका नाम सुधा था। उनके पिता ने तभी तय कर लिया था कि उनकी बेटी का नाम भी सुधा होगा और वह एक बड़ी डांसर बनेगी।
सुधा ने अपनी बायोपिक फिल्म ‘नाचे मयूरी’ (मयूरी) का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिनेमा जगत की शायद पहली ऐसी फिल्म थी, जिसमें कहानी भी उनकी थी और मुख्य भूमिका भी उन्होंने खुद निभाई थी।

एक्सीडेंट और वो भयानक रात (Sudha Chandran Accident Story)
सुधा ने अपने उस एक्सीडेंट के बारे में भी बात की जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। उन्होंने बताया कि वह अपनी दादी के साथ भगवान मुरगन के दर्शन करने गई थीं, तभी उनकी बस की टक्कर हो गई। डॉक्टर की लापरवाही की वजह से उनके पैर में गैंगरीन (सड़न) फैल गया और आखिर में उनका दाहिना पैर घुटने के नीचे से काटना पड़ा। एक डांसर के लिए यह मौत जैसा अनुभव था। हालांकि, तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद जब वह आर्टिफिशियल लिम्ब (नकली पैर) के साथ पहली बार स्टेज पर उतरीं, तो वहां 1000 लोग उनके हौसले को सलाम करने मौजूद थे।
पिता की मौत और भगवान मुरगन का संकेत (Sudha Chandran Father Story)
सुधा चंद्रन ने अपने पिता और भगवान मुरगन से जुड़े एक अलौकिक अनुभव को भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा कहते थे कि जब वह दुनिया छोड़ेंगे, तो भगवान मुरगन उन्हें लेने आएंगे। सुधा ने बताया, “जब मेरे पिता ICU में थे, तो मैंने अचानक बाहर एक मोर देखा। जैसे ही मैंने मोर को देखा, मुझे समझ आ गया कि 10 मिनट में कोई खबर आने वाली है। और ठीक 5 मिनट बाद डॉक्टरों ने आकर बताया कि मेरे पिता अब नहीं रहे।”
Original Source - Patrika Live News
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