टूरिस्ट वीजा पर भारत आया विदेशी, चोरी-छिपे नदवा कॉलेज में रुका, तबलीगी जमात से जुड़े तार
Nadwa College Lucknow: लखनऊ के नदवा कॉलेज से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक्शन लेते हुए गिरफ्तारी के साथ कई सारे लोगों पर FIR दर्ज किया है।
Lucknow Crime News: उत्तर प्रदेश की राजधानी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने लखनऊ की सुरक्षा को लेकर पुलिस को सतर्क कर दिया है। दरअसल, फिलीपींस से टूरिस्ट वीजा पर भारत आया एक व्यक्ति चोरी-छूपे राजधानी में तीन दिन तक रुका रहा। जिसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी हुई और पुलिस ने दाबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी का कनेक्शन तबलीगी जमात से है।
कैसे चला पुलिस को पता?
आरोपी का नाम मो. आरून सारिप, जो फिलीपींस से टूरिस्ट वीजा पर भारत आया, लेकिन नदवा कालेज उर्फ नदवतुल उल्मा (नदवा दारूल उलूम) परिसर में स्थित महादुल अली छात्रावास में चोरी-छिपे तीन दिन तक वहां रुका, लेकिन अजीब बात यह हुई की इसकी जानकारी न तो पुलिस को दी गई, न ही विदेशी नागरिकों के लिए अनिवार्य ‘फॉर्म-सी’ की प्रक्रिया हुई, लेकिन FRO को ऐसी किसी घटना का इनपुट मिला, तो तुरंत लखनऊ पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस जांच मे यह बात सामने आई है कि यह नागरिक दिल्ली में तबलीगी जमात से भी जुड़ा था।
लापरवाही नहीं, बड़ी साजिश
भारत में ऐसा कानुन है कि कोई भी विदेशी नागरिक किसी प्रकार के धार्मिक प्रचार या किसी संगठन की गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकता, लेकिन इस नागरिक ने इसका पालन नहीं किया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में नदवा कालेज के प्रधानाचार्य, सब-रजिस्ट्रार, छात्रावास वार्डन और अन्य संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें कि मो. आरून सारिप 30 नवंबर 2025 से 2 दिसंबर 2025 तक महादुल अली छात्रावास के कमरा नंबर 307 में रुका था, लेकिन किसी ने भी इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी। साथ ही इस आरोपी की छात्रावास में एंट्री मुख्य गेट पर नहीं हुई, तो लापरवाही नहीं, बड़ी साजिश का संकेत है।
नदवा दारूल उलूम में बड़ी संख्या में विदेशी छात्र पढ़ते हैं, जिनकी जानकारी प्रशासन को देना अनिवार्य है। पुलिस ने जांच के आधार पर बीएनएस की धारा 318(4)/61, विदेशी पंजीकरण अधिनियम 1939 की धारा 5 और विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 की धारा 7(1) के तहत नदवा कालेज के प्रधानाचार्य मौलाना अब्दुल अजीज नदवी, सब-रजिस्ट्रार डॉ. हारून रसीद, महादुल अली छात्रावास के वार्डन मो. कैसर नदवी, मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी समेत अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं पुलिस अब मो. आरून को लेकर अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है।
Original Source - Patrika Live News
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