युजवेंद्र चहल का तलाक के बाद खुलासा: मेंटल हेल्थ के चलते छोड़े बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट
युजवेंद्र चहल ने तलाक के बाद अपनी मेंटल हेल्थ और क्रिकेट करियर पर पड़े असर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि मानसिक दबाव के कारण कुछ बड़े टूर्नामेंट छोड़ने पड़े, लेकिन इमोशनल क्लोजर के बाद वह आगे बढ़ चुके हैं।
Yuzvendra Chahal Statement on his Divorce: भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय से चर्चा में रही है, खासकर उनके तलाक और उससे जुड़े मानसिक प्रभावों को लेकर। युजवेंद्र चहल और डांस कोरियोग्राफर धनश्री वर्मा के तलाक की खबरों ने सभी का ध्यान इस ओर खींच लिया था। हालिया बातचीत में युजवेंद्र चहल ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि तलाक के दौरान उनकी मेंटल कंडीशन ठीक नहीं थी और इसी वजह से उन्होंने कुछ बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट मिस किए।
मेंटल हेल्थ का क्रिकेट पर असर
युजवेंद्र चहल ने स्वीकार किया कि तलाक के समय उनका दिमाग सही स्थिति में नहीं था, जिसका असर सीधे उनके प्रोफेशनल करियर पर पड़ा। उन्होंने बताया कि इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने पिछले साल कुछ अहम क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने से दूरी बनाई। चहल ने यह भी कहा कि ऐसे दौर में बाहरी तौर पर सब सामान्य दिख सकता है, लेकिन अंदरूनी तनाव फोकस और आत्मविश्वास को प्रभावित करता है। मेंटल स्ट्रगल हमेशा फेल्योर की तरह नजर नहीं आता, कई बार यह सिर्फ दूरी और चुप्पी के रूप में दिखता है।
तलाक के बाद बदली जिंदगी की दिशा
युजवेंद्र चहल ने बताया कि तलाक उनके जीवन का एक चैप्टर था, जिसे उन्होंने मानसिक रूप से बंद करने का फैसला किया। उनके अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही इसे इमोशनल क्लोजर भी मिल गया, जिससे आगे बढ़ना आसान हुआ। सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों और चर्चाओं के बावजूद उन्होंने खुद को भावनात्मक रूप से उसी दौर में अटकाए नहीं रखा। उनका कहना रहा कि दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में खुश हैं और बीते रिश्ते को पकड़कर रखने से किसी को कुछ हासिल नहीं होता।
तलाक के बाद युजवेंद्र चहल को सोशल मीडिया पर काफी चुनिंदा ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्होंने साफ किया कि जिन महिलाओं के साथ उनका नाम जोड़ा गया, वे सिर्फ दोस्त थीं। उन्होंने कुछ समय के लिए डेटिंग एप इस्तेमाल करने की बात भी मानी, लेकिन उसे समझ न पाने के कारण अकाउंट डिलीट कर दिया। ऑनलाइन ट्रोलिंग और नेगेटिव कमेंट्स को लेकर उनका कहना यह था कि लोगों का प्यार जितना ज्यादा होता है, उतनी ही नफरत भी सामने आती है, लेकिन अब इन चीजों का उन पर खास असर नहीं पड़ता।
Original Source - Patrika Live News
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