ब्राउन लड़की और हॉलीवुड में…हॉलीवुड एंट्री को लेकर देसी गर्ल के मैनेजर तोड़ी चुप्पी

Priyanka chopra in hollywood: ब्राउन लड़की और हॉलीवुड इंडस्ट्री में भेदभाव की दीवारें आज भी कायम हैं, जो कई देसी कलाकारों के लिए एक बड़ा चुनौती बनती हैं।

ब्राउन लड़की और हॉलीवुड में…हॉलीवुड एंट्री को लेकर देसी गर्ल के मैनेजर तोड़ी चुप्पी

Priyanka Chopra in hollywood: आज प्रियंका चोपड़ा एक ‘ग्लोबल आइकन’ हैं। ऑस्कर के रेड कारपेट से लेकर हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों तक, उन्होंने अपनी एक खास पहचान बनाई है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की इस ‘बियॉन्से’ को हॉलीवुड में पैर जमाने के लिए फिल्ममेकर्स के ‘असिस्टेंट के असिस्टेंट’ तक से मिलना पड़ता था? हाल ही में प्रियंका की मैनेजर अंजुला आचार्य ने उनके शुरुआती संघर्षों के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

हॉलीवुड एंट्री को लेकर देसी गर्ल के मैनेजर तोड़ी चुप्पी

‘द ओके स्वीटी शो’ में बातचीत के दौरान अंजुला आचार्य ने बताया कि जब उन्होंने प्रियंका चोपड़ा को अमेरिका में लॉन्च करने का फैसला किया, तो इंडस्ट्री के लोगों ने उन्हें ‘बेवकूफ’ तक कह डाला था। अंजुला ने कहा, “मुझसे कहा गया कि तुम एक ब्राउन लड़की और हॉलीवुड में, बॉलीवुड स्टार अमेरिका में कभी सफल नहीं बन सकतीं। लोग उन्हें पागल समझ रहे थे।” इतना ही नहीं, अंजुला ने इंटरस्कोप रिकॉर्ड्स के को-फाउंडर जिमी के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए बताया कि जिमी ने उनका हौसला बढ़ाया था। जिमी ने कहा था, “जब मैं एमिनेम नाम के एक व्हाइट रैपर को लॉन्च करना चाहता था, तब भी दुनिया मुझे पागल ही समझती थी।”

 priyanka chopra Manager Anjula Acharia

प्रियंका कैफेटेरिया में बैठकर डायरेक्टर्स

अंजुला ने वो दौर भी याद किया जब प्रियंका भारत में एक बहुत बड़ी स्टार थीं, लेकिन हॉलीवुड में उन्हें कोई नहीं जानता था। अंजुला ने इमोशनल होते हुए कहा, “सोचिए, आप अपने देश की सबसे बड़ी हस्ती हैं, लेकिन वहां आपको अपना परिचय खुद देना पड़ रहा है। प्रियंका कैफेटेरिया में बैठकर डायरेक्टर्स के ‘असिस्टेंट के असिस्टेंट’ से मिलती थीं। मुझे उनके लिए बहुत दुख होता था, लेकिन प्रियंका बहुत धमाकेदार हैं।”

इतना ही नहीं, अंजुला ने बताया कि प्रियंका में बिल्कुल भी ईगो नहीं है। वे खुद लोगों के पास जाकर कहती थीं, “शायद आप नहीं जानते कि मैं कौन हूं, लेकिन मैं प्रियंका चोपड़ा हूं।” प्रियंका ने ही अपनी मैनेजर को विनम्र रहना सिखाया। कई बार जब अंजुला को लगता था कि उन्हें किसी छोटे काम के लिए जाने की जरूरत नहीं है, तो प्रियंका कहती थीं, “नहीं, हमें ये करना है।बता दें, प्रियंका का ये सफर उन सभी के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें सच करने के लिए किसी भी हद तक मेहनत करने को तैयार रहते हैं।

Original Source - Patrika Live News

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