Vande Bharat Express: वंदे भारत से सजे लखनऊ-सीतापुर के रिश्ते, नैमिष धाम की राह अब होगी और भी करीब
Vande Bharat Connects Lucknow to Sitapur: उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए खुशखबरी है। 7 नवंबर से लखनऊ से सहारनपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस दौड़ेगी, जिससे सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली और मुरादाबाद के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह ट्रेन पहली बार नैमिष धाम को तेज़ रेल कनेक्टिविटी देगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई रफ़्तार मिलेगी।
Vande Bharat Express Lucknow to Sitapur: उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब धार्मिक नगरी सीतापुर का नैमिष धाम और औद्योगिक क्षेत्र सहारनपुर राजधानी लखनऊ से सीधे वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए जुड़ जाएंगे। रेलवे ने 7 नवंबर से नई लखनऊ -सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का निर्णय लिया है, जिससे न केवल सीतापुर, बल्कि शाहजहांपुर, बरेली और मुरादाबाद जैसे शहरों के यात्रियों को भी तेज और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर इस नई सेवा की जानकारी दी थी। वहीं, रेलवे बोर्ड ने भी इसके संचालन की औपचारिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह ट्रेन लखनऊ से सहारनपुर के बीच चलेगी और सप्ताह में छह दिन यात्रियों को यह आधुनिक सुविधा मिलेगी।
7 नवंबर से नई शुरुआत
उत्तर रेलवे प्रशासन के मुताबिक, ट्रेन संख्या 26504 वंदे भारत एक्सप्रेस सोमवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। यह ट्रेन सुबह 5:00 बजे लखनऊ जंक्शन से रवाना होगी और 12:45 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन सीतापुर (5:55 बजे), शाहजहांपुर (7:10 बजे), बरेली (8:08 बजे), मुरादाबाद (9:27 बजे), नजीबाबाद (10:45 बजे) और रुड़की (11:40 बजे) स्टेशनों पर रुकेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 26503 वंदे भारत एक्सप्रेस सहारनपुर से दोपहर 3:00 बजे रवाना होगी और रात 11:00 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंचेगी।
सोमवार को रखरखाव, सप्ताह में छह दिन सेवा
वंदे भारत एक्सप्रेस का सोमवार को संचालन नहीं होगा। इस दिन ट्रेन का रखरखाव और सफाई का कार्य किया जाएगा। बाकी दिनों में यात्रियों के लिए यह ट्रेन नियमित रूप से उपलब्ध रहेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। ऑटोमेटिक स्लाइडिंग दरवाजे, GPS आधारित सूचना प्रणाली, आरामदायक सीटें, वाईफाई, और बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

नैमिष धाम के लिए होगी आसान यात्रा
लखनऊ-सीतापुर खंड में वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत का सबसे बड़ा फायदा नैमिष धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा। यह धार्मिक स्थल वैदिक काल से प्रसिद्ध है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने पहुंचते हैं। पहले सीतापुर तक सीमित ट्रेनों की उपलब्धता के कारण यात्रियों को दिक्कत होती थी, लेकिन अब वंदे भारत के चलते यात्रा का समय और परेशानी दोनों कम होंगे। स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों ने रेलवे के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वंदे भारत सेवा से न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
वाराणसी और खजुराहो भी होंगे कनेक्ट
इसी दिन यानी 7 नवंबर को एक और नई वंदे भारत सेवा शुरू होगी। यह ट्रेन वाराणसी से प्रयागराज होते हुए खजुराहो तक जाएगी। इससे पूर्वांचल और बुंदेलखंड के बीच तेज़ रेल संपर्क स्थापित होगा। वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करना है, क्योंकि यह मार्ग काशी, प्रयागराज और खजुराहो जैसे तीन प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों को जोड़ता है।
उत्तर रेलवे ने शुरू की तैयारियां
लखनऊ मंडल प्रशासन ने नई सेवा के संचालन के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को भी रेलवे कर्मी अवकाश के बावजूद रखरखाव, प्लेटफार्म निरीक्षण और सिग्नल सिस्टम की जांच में जुटे रहे। रेलवे सूत्रों ने बताया कि ट्रेन के रूट पर सिग्नलिंग, ट्रैक और स्टेशन सुविधाओं को अपग्रेड किया गया है ताकि ट्रेन अधिकतम गति (160 किमी/घंटा तक) से सुचारू रूप से चल सके।
रेलवे अधिकारियों और यात्रियों की प्रतिक्रिया
लखनऊ मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न ‘आत्मनिर्भर भारत’ का प्रतीक है। इसका मकसद यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और विश्वस्तरीय यात्रा सुविधा देना है। लखनऊ-सहारनपुर रूट को जोड़ने से हजारों यात्रियों को प्रतिदिन लाभ मिलेगा। वहीं सीतापुर के नैमिष धाम में दर्शन करने आए श्रद्धालु राजेश मिश्रा ने कहा कि पहले हमें लखनऊ या सीतापुर तक पहुँचने में चार से पाँच घंटे लगते थे, अब यह यात्रा बहुत आसान हो जाएगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का कहना है कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का विस्तार प्रदेश के धार्मिक और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सहारनपुर जो पश्चिमी यूपी का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, और लखनऊ, जो प्रदेश की राजधानी और प्रशासनिक हब है, इनके बीच तेज़ संपर्क से कारोबारियों और श्रमिकों दोनों को लाभ होगा।
Original Source - Patrika Live News
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