Lucknow Zoo: डियर सफारी में हिरन चोरी का प्रयास नाकाम, एक युवक गिरफ्तार, चार आरोपित फरार

Lucknow  स्थित नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान के डियर सफारी में चार युवक पेड़ की डाल और रस्सी की मदद से घुसकर हिरण के बच्चों को पकड़ने का प्रयास कर रहे थे। कीपर की सतर्कता से वारदात विफल हो गई। चार आरोपी फरार हो गए, जबकि बाहर से निर्देश देने वाला युवक राजेश मिश्रा गिरफ्तार कर लिया गया।

Lucknow Zoo: डियर सफारी में हिरन चोरी का प्रयास नाकाम, एक युवक गिरफ्तार, चार आरोपित फरार

Lucknow Zoo Deer Safari Incident:  लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान के डियर सफारी में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां चार युवक पेड़ की डाल और रस्सी की मदद से अंदर घुसकर हिरण के बच्चों को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। कीपर की सजगता से चोरी का प्रयास विफल हो गया। आरोपी युवक दीवार फांदकर भाग निकले, लेकिन उन्हें अंदर घुसने का रास्ता बताने वाला एक युवक गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना को गंभीर मानते हुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पेड़ की डाल और रस्सी से तोड़ी फेंसिंग, अंदर पहुंच गए शिकारी

मिली जानकारी के अनुसार घटना 5 नवंबर की शाम करीब चार बजे की है। डियर सफारी के कीपर मोहन राम रोजाना की तरह गश्त पर थे। इस दौरान उनकी नजर अचानक उन पेड़ों की ओर गई, जहां गूलर के पेड़ की एक लंबी डाल नीचे की ओर झुकी हुई थी। उन्हें लगा कि शायद जानवरों ने डाल को तोड़ा है, लेकिन ध्यान से देखने पर मामला संदिग्ध लगा।

Lucknow Zoo

कुछ ही सेकंड बाद उन्हें पता चला कि चार युवक उस डाल और लटकी रस्सी की मदद से फेंसिंग तोड़कर सफारी के अंदर प्रवेश कर चुके हैं। कीपर के अनुसार जैसे ही वे भीतर की तरफ बढ़े, उन्होंने देखा कि युवक हिरण के बच्चों को चारों ओर से दौड़ाकर रस्सी के फंदों की मदद से पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। कीपर ने बताया कि  “वे जंगल की तरह शिकार का तरीका अपनाकर हिरण के बच्चों को घेरने की कोशिश कर रहे थे। यदि समय रहते हम न देखते तो शायद वे एक-दो हिरण उठा ले जाते।”

बाहर से दे रहा था निर्देश, पकड़ा गया मुख्य आरोपी राजेश मिश्रा

पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बाउंड्रीवाल के बाहर एक युवक इन चारों शिकारियों को लगातार निर्देश दे रहा था। वह उन्हें बता रहा था कि किस दिशा में हिरण भाग रहा है, कैसे फंदा डालना है और किस ओर से रास्ता निकल सकता है। कीपर मोहन राम ने बाद में बताया कि दीवार के बाहर मौजूद युवक की पहचान राजेश मिश्रा (पुत्र समयदीन मिश्रा) निवासी गोमती एन्क्लेव, डीजीपी आवास के पास के रूप में हुई है। राजेश ही इन चार अज्ञात युवकों को मार्ग दिखा रहा था और पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित कर रहा था।

जैसे ही मोहनराम ने शोर मचाया और दौड़कर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, चारों युवक रस्सी और डाल की मदद से तेजी से बाउंड्री पार कर भाग निकले। हालांकि भागते समय उनकी हड़बड़ी और भगदड़ से टीम ने कई अहम सुराग जुटा लिए।

शिकायत पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही डियर सफारी प्रबंधन ने हजरतगंज पुलिस और वन विभाग को अलर्ट कर दिया। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। फेंसिंग टूटी हुई पाई गई, वहीं पेड़ की डाल पर बंधी रस्सी स्पष्ट रूप से अवैध घुसपैठ और शिकार की मंशा दर्शा रही थी। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर राजेश मिश्रा और उसके चार अज्ञात साथियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। राजेश को हिरासत में लेकर उससे घटनास्थल पर उसकी भूमिका, साथी युवकों के नाम, और घटना के उद्देश्य के बारे में पूछताछ की जा रही है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई

डियर सफारी एक संरक्षित क्षेत्र है, जहाँ किसी भी प्रकार की घुसपैठ, शिकार का प्रयास या वन्य जीवों को हानि पहुंचाना सख्त अपराध है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत हिरण (डियर) सूचीबद्ध संरक्षित प्रजाति है। इस अधिनियम की धारा 9 और 51 के तहत शिकार या शिकार का प्रयास करने पर:

  • 3 से 7 साल तक की सजा
  • 25,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना
  • या दोनों का प्रावधान है।

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह मामला गंभीर है क्योंकि आरोपी हिरणों के बच्चों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे और यदि वे सफल होते तो पूरे सफारी की सुरक्षा पर ही प्रश्न उठ जाता।

कीपर की सतर्कता बनी रक्षा कवच

कीपर मोहन राम की सतर्कता घटना के खुलासे की सबसे बड़ी वजह रही। उन्होंने बताया कि उन लोगों ने हिरण के बच्चों को काफी परेशान कर दिया था। एक बच्चा तो डर के मारे लगभग गिर पड़ा था। यदि हम ठीक समय पर न पहुंचते, तो दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम हो सकते थे। उनकी सक्रियता के चलते चारों युवक भाग तो गए, लेकिन बाहर खड़ा राजेश मिश्रा पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

शिकारी समूह पहले भी करता रहा है रेकी

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह समूह पहली बार डियर सफारी में नहीं आया। घटनास्थल की स्थिति देखने पर लगा कि जगह की पहले से रेकी की गई थी। पेड़ की डाल चुनना, ठीक उसी स्थान पर रस्सी बांधना, और फेंसिंग के कमजोर हिस्से को निशाना बनाना,यह सब किसी पूर्व योजना का हिस्सा प्रतीत होता है। प्रशासन इस Angle से जांच कर रहा है कि कहीं इनका संबंध किसी अवैध वन्यजीव तस्करी गिरोह से तो नहीं है।

प्रबंधन ने बढ़ाई सुरक्षा, लगाया अतिरिक्त स्टाफ

घटना के बाद डियर सफारी प्रबंधन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त गार्ड तैनात कर दिए गए हैं, और फेंसिंग के कई हिस्सों का पुनः निरीक्षण किया जा रहा है। रात के समय गश्त को बढ़ाया गया है और पेड़ों के आसपास के हिस्सों की विशेष निगरानी की जा रही है। प्राणी उद्यान प्रशासन का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह अपराध संगठित प्रयास जैसा लगा है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

पुलिस: जल्द पकड़े जाएंगे बाकी चार आरोपी

इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के अनुसार राजेश मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद टीम उसके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है. सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और आसपास के इलाके से मिले सुरागों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है।

Original Source - Patrika Live News

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