Lalita Pawar: रामानंद सागर की ‘रामायण’ की मंथरा से क्यों मांगा गया था जाति प्रमाणपत्र, जानिए क्या था मामला?

Lalita Pawar: बॉलीवुड की क्रूर सास, बोल्ड एक्ट्रेस, प्रोड्यूसर, और रामायण की मंथरा उर्फ ललिता पॉवर की 110वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानिये उनकी जिंदगी का वो किस्सा जब उनको बनवाना पड़ा था जाति प्रमाण पत्र।

Lalita Pawar: रामानंद सागर की ‘रामायण’ की मंथरा से क्यों मांगा गया था जाति प्रमाणपत्र, जानिए क्या था मामला?

Lalita Pawar: फिल्म इंडस्ट्री में एक दौर ऐसा भी था जब मां और सासू मां के किरदार बड़े बहुत फेमस हुआ करते थे। उस दौर में मां का किरदार ऐसा होता था मानों उससे दुखियारी- अबला नारी कोई नहीं है दुनिया में, वहीं, क्रूर सास ऐसी दिखाई जाती थी, जिसे देख कर घर की बहुएं भी घबरा जाएं। बॉलीवुड में मां के रोल के लिए निरूपा रॉय और खडूस सास के लिए ललिता पवार को आज भी याद किया जाता है। इन दोनों दिग्गज अभिनेत्रियों ने अपनी फिल्मों में अपने-अपने किरदारों को बेहतरीन अभिनय के जरिये हमेशा-हमेशा के लिए जीवित कर दिया। लेकिन आज हम बात लोगों की फेवरेट सासू मां की करने जा रहे हैं, जिन्होंने रामानंद सागर की ‘रामायण’ में मंथरा की ऐसी यादगार भूमिका निभाई, जिसके लिए उनको भुलाया नहीं जा सकता वो कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा ललिता पवार हैं।

डायरेक्टर्स की पहली पसंद ललिता पवार थीं (Lalita Pawar Birth Anniversary)

एक दौर ऐसा था जब क्रूर सास के किरदार को निभाने के लिए डायरेक्टर्स की पहली पसंद ललिता पवार ही हुआ करती थीं। फिर इन्होंने रामायण में मंथरा का रोल ऐसे निभाया था कि लोग उन्हें सच में ‘मंथरा’ कहने लगे थे। यहां तक कि उनसे नफरत भी करने लगे थे। जानकारी के लिए बता दें कि बॉलीवुड की बेहतरीन एक्ट्रेसेस में से एक ललिता पवार ने अपने फिल्मी करियर में 700 से ज्यादा फिल्मों में अपने अभिनय का प्रदर्शन किया है।

जब बनवाना पड़ा था जाती प्रमाणपत्र

ललिता पवार जब 12 साल की थीं तभी उन्होंने फ़िल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। 1928 में रिलीज हुई ‘राजा हरिश्‍चंद्र’ उनकी पहली फिल्म थी। उनका सपना था कि वो बॉलीवुड की टॉप की एक्ट्रेस बनें। मगर ये उनके लिए आसान नहीं था क्योंकि बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम करने के बाद एक बार जाति प्रमाण पत्र बनवाना पड़ा था। ये किस्सा उनकी एक फिल्म से जुड़ा हुआ है। दरअसल, साल 1941 में डायरेक्टर मास्टर विनायक ने मराठी के मशहूर उपन्यासकार विष्णु सखाराम खांडेकर की कहानी पर एक फिल्म बनाई थी जिसका नाम था ‘अमृत’। इसफिल्म में ललिता पवार ने मोची का किरदार निभाया था। ख़बरों की मानें तो ऐसा कहा जाता है कि उनका ये किरदार इतना पॉपुलर हुआ था कि लोग उन्हें दलित समझने लगे थे। इतना ही नहीं उनके साथ छुआछूत का व्यवहार करने लगे। इस तरह के भेदभाव से बचने के लिए ललिता पवार को जाति प्रमाण पत्र बनवाना पड़ा था।

काफी बोल्ड एक्ट्रेस थीं ललिता पवार (Bollywood’s Bold Actress Lalita Pawar)

ललिता पवार अपने जमाने की बोल्ड एक्ट्रेस भी थीं। इतनी बोल्ड कि उन्होंने उस दौर में बिकनी पहन कर फोटोशूट भी करवाए। इसके अलावा ललिता पवार ने मर्दों की तरह फिल्मों में स्टंट किए और यहां तक कि एक फिल्म में उस दौर में किसिंग सीन भी किया। उनका ये स्टेप उस जमाने के हिसाब से कहीं आगे था। वो अपने किरदारों के साथ एक्सपेरिमेंट करने के लिए हमेशा तैयार रहती थीं।

दो फिल्में भी प्रोड्यूस की थीं ललिता पवार ने

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ललिता पवार एक प्रोड्यूसर भी थीं। उन्होंने 2 फिल्में प्रोड्यूस की थीं जिनके नाम हैं ‘दुनिया क्या है’ और ‘कैलाश’। बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा और अनुष्का शर्मा से बहुत पहले ललिता पवार की प्रोड्यूसर बनने को लेकर खूब चर्चा होती है। आज बॉलीवुड की क्रूर सास, बोल्ड एक्ट्रेस, प्रोड्यूसर, और रामायण की मंथरा की 110वीं बर्थ एनिवर्सरी है।

Original Source - Patrika Live News

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