Gold Silver Price Today: चांदी भाव ने रिकॉर्ड तोड़ा, ₹4 लाख पार, तेजी-मंदी के साथ बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया
Gold And Silver Price 30 January 2026: आज सर्राफा बाजार में चांदी का भाव जबरदस्त उतार-चढ़ाव के साथ इतिहास रचते हुए ₹4,00,000 प्रति किलोग्राम के पार पहुंचा। वायदा व स्पॉट मार्केट दोनों में तेजी-मंदी के दौर ने निवेशकों को चौंका दिया। यह रुझान वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
Gold And Silver Price 30 January 2026: आज सर्राफा बाजार और वायदा ट्रेडिंग में चांदी (Silver) के भाव ने असाधारण उछाल के साथ इतिहास रचा, वहीं गिरावट के दौर ने निवेशकों को चौंका दिया। चांदी की कीमतें एक ही दिन में ₹40,000 प्रति किलो तक ऊपर नीचे देखने को मिलीं, जिससे बाजार में जबरदस्त वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) नजर आया। यह उतार-चढ़ाव निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं, क्योंकि यह सुरक्षित निवेशों की मांग तथा ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितताओं को दर्शाता है।

चांदी की कीमतों में यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक बाजार दबाव, आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग की वजह से आई है, जबकि मंदी के पीछे मुनाफावसूली (profit-booking) और कुछ ट्रेडिंग सत्रों में बिकवाली भी अहम भूमिका रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह का विनिमय दर-आधारित उतार-चढ़ाव अब कमोडिटी मार्केट के नियमित व्यवहार में शामिल हो रहा है।
चांदी का भाव कैसा रहा आज, तेजी के साथ इतिहास
आज सुबह सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया और चांदी का भाव ₹4,00,000 प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गया, जो चयनित शहरों में रिकॉर्ड है। खासकर वायदा बाजार (MCX) पर चांदी के मार्च के अनुबंध का भाव ₹4,07,456 प्रति किलो तक पहुंचा यह अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है।
मुख्य शहरों में भी चांदी की कीमतें महत्वपूर्ण स्तर पर पहुंचीं
लखनऊ में सोना का भाव आज
- 24 कैरेट सोना: लगभग ₹1,79,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है।
- 22 कैरेट सोना: करीब ₹1,64,100 प्रति 10 ग्राम के हिसाब से लगभग इसी स्तर पर है।
- 18 कैरेट सोना: भी पिछले दिनों तेज़ी के साथ ऊपर रहा।
- लखनऊ में चांदी का ताज़ा भाव
- चांदी (10 ग्राम): करीब ₹3,368.55 प्रति 10 ग्राम।
- चांदी (1 तोला): लगभग ₹3,924.90।
- चांदी के भाव में भी पिछले समय से भारी उछाल दर्ज हुआ है और अब स्थानीय रेट भी बढ़े हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि यह तेजी सुरक्षित निवेश की मांग, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, सप्लाई-डिमांड असंतुलन और मेटल मार्केट में सक्रिय ट्रेडिंग का नतीजा है। चांदी अब निवेशकों के बीच पारंपरिक “सुरक्षित बंदरगाह” निवेश के रूप में अधिक आकर्षक होती जा रही है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया हो, लेकिन इतनी तेज़ी इतनी कम अवधि में आना अपने आप में बेहद दुर्लभ है। पिछले कुछ हफ्तों में यह धातु लगातार नई ऊँचाइयों को छू रही थी और आज का उछाल इस रैली को चरम पर ले गया।
मंदी-क्यों अचानक हुए बड़ी गिरावट के संकेत
जब चांदी इतिहास के उच्चतम स्तर के पास पहुंची, तो उसी सत्र के भीतर बाद में मुनाफावसूली की वजह से बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। कुछ ट्रेडिंग सत्रों में कीमतों में गिरावट ₹20,000-₹30,000 तक भी दर्ज की गई, जिससे निवेशक-व्यापारी सतर्क हो गए।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार
- जैसे-जैसे कीमतें रिकॉर्ड के पास पहुंची, निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली की।
- ग्लोबल आर्थिक संकेतों में उतार-चढ़ाव ने कुछ निवेशकों को जोखिम उठाने से रोका।
- डॉलर इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में अस्थिरता ने चांदी के भाव को ऊपर-नीचे किया।
इस प्रकार की तेजी और मंदी एक ही सत्र में देखने को मिलने वाली स्थिति उल्लेखनीय है, क्योंकि यह दर्शाती है कि कमोडिटी बाजार केवल स्थिर रुझान पर नहीं बल्कि निवेश धाराओं और भावनात्मक निवेश निर्णयों पर भी जल्दी प्रतिक्रिया कर रहे हैं।
क्या है तेजी-मंदी के पीछे
विशेषज्ञ बताते हैं कि आज चांदी के भाव में आई असाधारण चाल के कई कारण हैं:
1 वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों में अनिश्चितता बनी हुई है, विशेष रूप से व्यापार नीतियों, मुद्रास्फीति, फेडरल रिजर्व की नीतियों और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से। इस प्रकार के माहौल में निवेशक अक्सर सुरक्षित संपत्ति, जैसे सोना और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ता है।
2 सप्लाई-डिमांड संतुलन का बदलाव
चांदी की वैश्विक सप्लाई और डिमांड में असंतुलन रहा है। उद्योगों में इसकी उपयोगिता बढ़ गई है, जैसे सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में जिससे डिमांड में मजबूती आई है जबकि सप्लाई अपेक्षाकृत स्थिर रही है। यह असंतुलन कीमतों को ऊपर धकेलता है।
3 घरेलू निवेश धाराएं
भारतीय बाजार में खनिज धातुओं के प्रति निवेशकों की रुचि बढ़ी है। कई निवेशक और ज्वैलर्स चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं, खासकर जब शेयर बाजार और ऋण-बाजार में अस्थिरता दिखाई देती है।
सोने पर क्या असर
आज की चांदी की रैली के साथ सोने के भाव में भी उछाल देखा गया है। सोना भी रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा, जिससे धारणा और भी मजबूत हुई कि सुरक्षित परिसंपत्तियों की मांग व्यापक रूप से बढ़ रही है। हिंदुस्तान में सोने के भाव में पिछले कुछ हफ्तों में तेजी दर्ज की गई है, जो निवेशकों की उम्मीदों और गुरुत्वाकर्षण वाले आयामों को दर्शाता है।

निवेशकों के लिए क्या अर्थ है यह उतार-चढ़ाव
विश्लेषकों के अनुसार, आज का तेजी-मंदी का अनुभव निवेशकों को कुछ महत्वपूर्ण बातें सिखाता है:
- लंबी अवधि में सोचें: उतार-चढ़ाव आम हैं, लेकिन यदि आप दीर्घकालिक निवेशक हैं, तो रिकॉर्ड-ब्रेकिंग रैली के बावजूद संयम बनाए रखना जरूरी है।
- मुनाफा सुरक्षित करें: जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हों, तो समय-समय पर मुनाफा लेना विवेकपूर्ण हो सकता है।
- पोर्टफोलियो विविधता: सुरक्षित संपत्तियों जैसे सोना और चांदी को अपने निवेश पोर्टफोलियो में शामिल करना जोखिम-नियंत्रण में मदद करता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोने और चांदी के भाव 2026 में और उतार-चढ़ाव दिखा सकते हैं, खासकर जब तक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएँ बनी रहें और निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित हों।
Original Source - Patrika Live News
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