37 जिताएंगे 27! अखिलेश यादव ने कस ली है कमर; कांग्रेस का हाथ पकड़कर मैदान में उतरेगी सपा?

Akhilesh Yadav Meeting With MP's: लखनऊ में अखिलेश यादव ने सांसदों के साथ बड़ी बैठक की। जानिए क्या कांग्रेस का हाथ पकड़कर समाजवादी पार्टी मैदान में उतरेगी?

37 जिताएंगे 27! अखिलेश यादव ने कस ली है कमर; कांग्रेस का हाथ पकड़कर मैदान में उतरेगी सपा?

Akhilesh Yadav Meeting With MP: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने फेसबुक अकांउट पर लिखा ’37 जिताएंगे 27’। सांसदों के फोटो पर लिखी हुई ये लाइन सिर्फ चित्र का परिचय नहीं है बल्कि इसे ‘मिशन 2027’ की रणनीति मानिए।

Uttar Pradesh Assembly Elections 2027: अखिलेश यादव की बड़ी बैठक

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) का नारा देने वाली समाजवादी पार्टी उसी फार्मूले पर आगामी विधानसभा चुनाव में उतरेगी। इसके लिए पूर्व CM अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी के सभी 37 सांसदों को लखनऊ बुलाया। इस दौरान प्रत्येक से उनके संसदीय क्षेत्रों की विधानसभा सीटों का जातिगत आंकड़ा और हालिया समीकरणों के बारे में जानकारी ली।

UP Politics: अखिलेश यादव ने सुनी सांसदों के मन की बात

अखिलेश यादव ने सांसदों के मन की बात सुनी। साथ ही उन्होंने अपने मन की बात मन में ही रखी जो आगामी समय में टिकटों की संभावना के तौर पर सामने आ सकती है। बरेली मंडल से आंवला सांसद नीरज मौर्य और बदायूं के सांसद आदित्य यादव इस बैठक में शामिल हुए थे।

UP News: कैसे किया सपा ने लोकसभा चुनाव में PDA फार्मूले का इस्तेमाल?

दरअसल, पार्टी के 37 सांसदों में पिछड़ा वर्ग के 20 हैं। इन 20 सांसदों में से 5 यादव हैं जो अखिलेश यादव और परिवार के सदस्य हैं। बचे हुए 15 सांसदों में सर्वाधिक कुर्मी हैं। पिछड़ा का अर्थ सिर्फ ‘यादव’ के इर्द-गिर्द नहीं समटेगा, लोकसभा चुनाव के दौरान ही ये संकेत हो गया था। ये तो आधारभूत वोटबैंक ही है।

उतर प्रदेश लोकसभा चुनाव के दौरान-

श्रेणी सांसदों की संख्या विवरण
पिछड़ा वर्ग 20 इनमें 5 यादव अखिलेश परिवार से
अनुसूचित जाति 8 इसमें अयोध्या की सामान्य सीट भी शामिल
मुस्लिम 4 सभी समाजवादी पार्टी के सांसद
सामान्य वर्ग 5 सामान्य वर्ग से निर्वाचित सांसद

मंडल क्षेत्र में सपा की विधानसभा स्थिति

जिला सपा विधायक सामाजिक वर्ग
बरेली 2 दोनों मुस्लिम
बदायूं 3 2 यादव, 1 मौर्य

बरेली लोकसभा चुनाव परिणाम

सीटें जीती जातीय/सामाजिक प्रतिनिधित्व
2 1 मौर्य, 1 यादव

इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग (कुर्मी, मौर्य-शाक्य और अन्य) को जोड़ना जरूरी है। इसी वजह से उन्हें वरीयता में रखा गया। ठीक उसी तरह, जिस तरह मुस्लिम वोट बैंक समाजवादी पार्टी (SP) को बुनियादी आधार देता है। लोकसभा में इनका प्रतिनिधित्व 4 है। बरेली मंडल में समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें जीती थीं। जिनमें आंवला सीट पर नीरज मौर्य (Neeraj Maurya) जबकि बदायूं में अखिलेश यादव के चचेरे भाई आदित्य यादव (Aditya Yadav) सांसद बने।

Uttar Pradesh Politics: बैठक में किन बिंदुओं पर चर्चा

अब जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं तो अखिलेश यादव सांसदों के बीच बैठे। इस दौरान उनसे पूछा गया, “पिछले विधानसभा चुनाव में जो नेता जीते, उनकी स्थिति क्या है। जिन सीटों पर हारे थे, वहां का माहौल क्या है।” प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में औसतन 5 विधानसभा क्षेत्र हैं। सांसद जब जीते तब उनकी सीट के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में क्या समीकरण बने? उन समीकरणों का दोहराना कितना आसान होगा और कितना मुश्किल? चर्चा में इस तरह के कई बिंदु शामिल थे। हालांकि बैठक के बिंदुओं को दबाकर लौटे सांसद स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बोले रहे, लेकिन माना जा रहा है कि मिशन 2027 की रूपरेखा तय है।

UP News: आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन होगा?

आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections 2027) में BJP को कड़ी चुनौती देने के लिए समाजवादी पार्टी पूर्व की भांति गठबंधन कर सकती है, हालांकि इसको लेकर रूपरेखा तय नहीं हुई है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस का हाथ पकड़कर समाजवादी पार्टी मैदान में उतर सकती है। अगर ऐसा होता है तो बरेली में 1 या 2 सीटें कांग्रेस के लिए छोड़नी पड़ सकती है।

Original Source - Patrika Live News

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