सिर्फ 10 लाख में बनी फिल्म, कमा डाले 4 करोड़! जब दो बड़े सितारों के बीच एक ‘कुत्ता’ बन गया बॉलीवुड का सुपरस्टार

Noorie Film: ये कहानी है एक ऐसी फिल्म की, जो सिर्फ 10 लाख रुपये के बजट में बनी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा कर 4 करोड़ रूपये की कमाई कर गई।

सिर्फ 10 लाख में बनी फिल्म, कमा डाले 4 करोड़! जब दो बड़े सितारों के बीच एक ‘कुत्ता’ बन गया बॉलीवुड का सुपरस्टार

Noorie Film: बॉलीवुड में हमेंशा भारी-भरकम बजट और बड़े स्टार्स वाली फिल्मों को ही सफलता की गारंटी माना जाता है लेकिन सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसी फिल्में भी दर्ज हैं, जिन्होंने पारंपरिक फॉर्मूले को तोड़ते हुए बहुत कम बजट में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। बता दें, आज के दौर में जहां ‘सैयारा’ और ‘लालो’ जैसी कम बजट की फिल्में नाम कमा रही हैं, तो वहीं साल 1979 में आई फिल्म ‘नूरी’ ने एक ऐसी मिसाल पेश की थी जिसे आज भी याद किया जाता है।

जब दो बड़े सितारों के बीच एक ‘कुत्ता’ बन गया बॉलीवुड का सुपरस्टार

यश चोपड़ा के बैनर तले बनी ये फिल्म ‘नूरी’ की मेकिंग किसी जादू से कम नहीं थी। इस फिल्म का कुल बजट सिर्फ 10 लाख रुपये था। फिल्म की पूरी शूटिंग महज 28 दिनों के अंदर पूरी कर ली गई थी। इतना ही नहीं, फिल्म के सभी कालजयी गानों को रिकॉर्ड करने में केवल 3 दिन लगा था। जब ये फिल्म पर्दे पर रिलीज हुई, तो इसकी छप्परफाड़ कमाई ने फिल्म मेकर्स को चौका दिया था।

बता दें, इस फिल्म में उस दौर के 2 उभरते हुए स्टार फारुक शेख और पूनम ढिल्लों अहम रोल में थे लेकिन फिल्म रिलीज होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस कलाकार की हुई थी, वो कोई इंसान नहीं बल्कि एक कुत्ता था। फिल्म में ‘खैरू’ नाम के एक कुत्ते ने बेहद अहम भूमिका निभाई थी। उसकी वफादारी, समझदारी और पर्दे पर दिखाए गए जज्बात ने दर्शकों का दिल छू लिया। बड़े सितारों की मौजूदगी के बाद ‘खैरू’ इस फिल्म का असली हीरो बनकर पर्दे पर उभरा।

दिल छू लेने वाली प्रेम कहानी

फिल्म ‘नूरी’ एक दिल छू लेने वाली लेकिन दुखद प्रेम कहानी है। फिल्म की कहानी नूरी (पूनम ढिल्लों) और युसूफ (फारुक शेख) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है जब गांव का बशीर, नूरी को पाने के लिए उसके पिता की हत्या करवा देता है। इसके बाद बशीर की साजिशों के चलते नूरी का जीवन बर्बाद हो जाता है और वो सुसाइड कर लेती है। फिल्म का सबसे प्रभावशाली हिस्सा वो है जब वफादार कुत्ता ‘खैरू’ खुद विलेन बशीर से बदला लेता है और उसे मौत के घाट उतार देता है।

इसकी कहानी बहुत दिलचस्प है आप इसे देखकर बीच में सीट से उठ नहीं पाएंगे। बता दें, आज भी ‘नूरी’ को बॉलीवुड की सफल और कम बजट वाली फिल्मों में गिना जाता है। इस फिल्म ने साबित कर दिया था कि अगर कहानी में दम हो और इमोशन सच्ची हों, तो ब्लॉकबस्टर फिल्म बनाई जा सकती है।

Original Source - Patrika Live News

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