‘धर्म और समाज सेवा को चुनावी स्वार्थ से दूर रखना जरूरी’, संत रविदास जयंती पर मायावती का संदेश
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने संत रविदास की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि संतगुरु रविदास ने 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' का उपदेश देकर यह सिखाया कि मन की शुद्धता से ही सच्चा सुख प्राप्त किया जा सकता है।
बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “देश में सामाजिक परिवर्तन के महान संतों में जाने-माने संतगुरु श्री रविदास जी को उनकी जयंती पर नमन व अपार श्रद्धा सुमन अर्पित करने के साथ ही देश व दुनिया में रहने वाले उनके करोड़ों अनुयाइयों को इसकी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।”
उन्होंने लिखा, “संतगुरु रविदास ने ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ (मन को शुद्ध व पाक-साफ रखकर ही इंसान सच्चे सुख की प्राप्ति कर सकता है तथा समाज व देश का भी भला कर सकता है) जैसा इंसानियत भरा संदेश दिया। संत रविदास ने अपना पूरा जीवन इंसानियत का संदेश देने और विशेष रूप से जाति भेद व द्वेष के खिलाफ संघर्ष में बिताया, जिसके कारण वे अमर हो गए।”
बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि संत रविदास का संदेश धर्म की पवित्रता के साथ समाज सेवा और जनचेतना के माध्यम से इंसान व इंसानियत की भलाई के लिए है, न कि किसी संकीर्ण राजनीतिक या चुनावी स्वार्थ की पूर्ति के लिए। उन्होंने चिंता जताई कि ऐसे मूल्यों को भुलाए जाने के कारण समाज में अमन-चैन, आपसी सौहार्द और भाईचारे का वातावरण प्रभावित हुआ है।”
मायावती ने कहा कि संत रविदास का उपदेश मानकर करोड़ों गरीबों, शोषितों और पीडि़तों का काफी कुछ भला हो सकता है, जिस पर समुचित ध्यान देने की जरूरत है।
नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “ऊंच-नीच, अमीर-गरीब और जातपात के भेद से परे बेगमपुरा राज की संकल्पना करने वाले परम ज्ञानी, संत शिरोमणि जगतगुरु सतगुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व पर आप सभी को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं।”
Original Source - Patrika Live News
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