कप्तान से चल रहा था मतभेद, क्रिकेटर ने विपक्षी टीम को बता दिया आउट करने का तरीका, फिर खत्म हो गया करियर

इंग्लैंड के दिग्गज क्रिकेटर केविन पीटरसन ने अपना बदला लेने के लिए टीम के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस की कमजोरियां दक्षिण अफ्रीकी टीम को टेस्ट मैसेज में बता दी थीं। जिसके बाद उनका करियर खत्म हो गया।

कप्तान से चल रहा था मतभेद, क्रिकेटर ने विपक्षी टीम को बता दिया आउट करने का तरीका, फिर खत्म हो गया करियर

Text Gate Incident: केविन पीटरसन क्रिकेट के सबसे विवादित खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उनका करियर विवादों से भरा रहा है। ऐसा ही एक विवाद उनके करियर में रहा जिसके चलते उन्हें बीच सीरीज ही टीम से बाहर होना पड़ा और उसके 2 साल के अंदर ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा। इस विवाद को ‘टेक्स्ट गेट विवाद’ के नाम से जाना जाता है।

क्या है ‘टेक्स्ट गेट विवाद’

अगस्त 2012 में दक्षिण अफ्रीकी टीम इंग्लैंड के दौरे पर आई थी। उस समय इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस थे। उनके साथी खिलाड़ी केविन पीटरसन के साथ संबंध कुछ खास नहीं थे। इन दोनों ही खिलाड़ियों के बीच इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) की आईपीएल नीतियों के संबंधित मतभेद थे। इन्हीं मतभेदों के चलते पीटरसन ने अफ्रीका के कुछ खिलाड़ियों को टेक्स्ट मैसेज में कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस के कमजोर पॉइंट्स बता दिए। उन मैसेज में स्ट्रॉस के लिए ‘डूज’ (doos) शब्द का प्रयोग भी किया, जो अफ्रीकी भाषा में एक अपशब्द है।

अफ्रीकी खिलाड़ियों को ये तक बता दिया कि वे किस गेंद पर उनका विकेट ले सकते है। उस मैच में स्ट्रॉस पहली पारी में 0 व दूसरी पारी में 27 रन रन पर ही आउट हो गए थे। दक्षिण अफ्रीका वह मैच जीत गया। स्ट्रॉस उस सीरीज की 6 पारियों में 17.83 की औसत से 107 रन ही बना पाए। जबकि इससे पहले की पांच पारियों में उन्होंने 326 रन बनाए थे, जिसमें 2 शतक भी शामिल थे।

पीटरसन टीम से हुए ड्रॉप

इस बात के लीक होने पर पीटरसन को टीम से ड्रॉप कर दिया गया। ड्रॉप होने से पहले उन्होंने 149 रन की पारी भी खेली थी। इतनी जबरदस्त फॉर्म में होने के बावजूद उन्हें टीम में अपनी जगह से हाथ धोना पड़ा। इन सबके चलते उनके ECB के साथ संबंध और खराब होने लगे। आखिरकार उन्हें 2014 में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा।

पीटरसन का करियर

पीटरसन हालांकि विवादों से घिरे रहे, लेकिन इंग्लैंड के लिए उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 104 टेस्ट, 136 वनडे और 37 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेले हैं। टेस्ट में उन्होंने 47.28 की औसत से 8181 रन बनाए, जिसमें 23 शतक और 35 अर्ध्दशतक शामिल है। वनडे क्रिकेट में उनका 40.73 का औसत है। 9 शतक और 25 अर्ध्दशतकों के साथ उन्होंने वनडे में 4440 रन बनाए हैं। टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सफलता के बाद टी20 में भी उन्होंने अपने आप को अच्छे से ढाला और 141.51 की स्ट्राइक रेट से 1176 रन बनाए।

Original Source - Patrika Live News

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